देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शासकीय आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में की गई चार महत्वपूर्ण घोषणाओं से प्रदेश के ब्लॉक प्रमुखों में भारी उत्साह है। इन घोषणाओं को संगठन की बरसों पुरानी मांगों के पूरा होने के रूप में देखा जा रहा है।
ब्लॉक प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कण्डारी को इस पूरे मामले में प्रमुखता से सराहा जा रहा है। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि 6 माह पहले राजीव कण्डारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद संगठन में एक नई ऊर्जा आई है। उनके नेतृत्व में संगठन ने लगातार सरकार के समक्ष ब्लॉक प्रमुखों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से रखा, जिसके परिणामस्वरूप आज कई वर्षों से लंबित मांगें पूरी हुई हैं।
सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर ब्लॉक प्रमुख निधि को पुनः प्रारंभ करने की घोषणा को माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में यह निधि इससे पहले दिवंगत नारायण दत्त तिवारी सरकार में हुआ करती थी, जिसके बाद से यह बंद हो गई थी। इसे पुनः शुरू करने की मांग संगठन पिछले कई वर्षों से करता आ रहा था।
प्रदेश अध्यक्ष राजीव कण्डारी ने जताया आभार
ब्लॉक प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कण्डारी, जो भिलंगना के ब्लॉक प्रमुख भी हैं, ने इन जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश के समस्त ब्लॉक प्रमुखों, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण जनता की ओर से हृदय से आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि, “ये घोषणाएं क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने, ग्रामीण विकास को गति देने और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। ये घोषणाएं मुख्यमंत्री जी के पंचायतों को मजबूत करने के संकल्प को दर्शाती हैं।”
मुख्यमंत्री द्वारा की गई 4 प्रमुख घोषणाएं
1. प्रमुख निधि को पुनः प्रारंभ करने की घोषणा – जो एनडी तिवारी सरकार के बाद से बंद थी।
2. क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि की घोषणा।
3. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की विकासखंड स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को भी सम्मिलित करने की घोषणा।
4. ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्रों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायत से भी विचार-विमर्श करने की घोषणा।
सम्मेलन में क्या बोले सीएम धामी?
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि सरकार तथा जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सरकार के संज्ञान में हैं और उनका समाधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही है। छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5% से बढ़ाकर 12.5% करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव गणेश चन्दोला, ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट सहित प्रदेश भर के ब्लॉक प्रमुख मौजूद रहे।

