देवभूमि की सड़कों पर नशे का साया, वायरल वीडियो ने खोली भयावह हकीकत


देहरादून की सड़कों से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि उस खतरनाक सच्चाई की चेतावनी हैं जो धीरे-धीरे देवभूमि के युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रही है।

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। वीडियो में एक युवक और युवती सड़क किनारे नशे की हालत में बेसुध दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो वहां से गुजर रहे एक स्थानीय युवक ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल फोटो: देहरादून में नशे में धुत युवक ओर युवती

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती झाड़ियों के बीच औंधे मुंह गिरी हुई है। उसके आसपास पानी की बोतलें और सामान बिखरा पड़ा है। वहीं कुछ दूरी पर एक युवक दीवार के सहारे जमीन पर बैठा दिखाई देता है, जिसकी हालत भी बेहद खराब नजर आ रही है। दोनों की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे किसी नशे के प्रभाव में थे।

यह दृश्य राजधानी देहरादून की सड़कों पर खुलेआम फैल रहे नशे के नेटवर्क और युवाओं की बढ़ती लत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आखिर किस दिशा में जा रहा है देवभूमि का युवा?

उत्तराखंड लंबे समय से “देवभूमि” के नाम से पहचाना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में नशे का जाल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। स्कूल-कॉलेजों के छात्र, बेरोजगार युवा और यहां तक कि किशोर भी अब सिंथेटिक ड्रग्स, इंजेक्शन, स्मैक और एमडीएमए जैसे घातक नशों की गिरफ्त में आते दिख रहे हैं।

भले ही पुलिस और एसटीएफ लगातार “नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान” चलाने का दावा कर रहे हों, लेकिन जमीन पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें इन दावों की पोल खोलती नजर आती हैं।

पुलिस कार्रवाई के बावजूद क्यों नहीं रुक रहा नशे का कारोबार?

एसटीएफ के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 तक पिछले तीन वर्षों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,431 मुकदमे दर्ज किए गए और 4,440 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। करोड़ों रुपये का चरस, गांजा, हीरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स बरामद की गईं।

इसके बावजूद देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और कुमाऊं के कई इलाकों में नशे की उपलब्धता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।

नशा सिर्फ लत नहीं, मौत का रास्ता

विशेषज्ञों के अनुसार नशा अब सिर्फ अपराध या कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सामाजिक और स्वास्थ्य संकट बन चुका है।

प्रदेश में तंबाकू, गुटखा, शराब और ड्रग्स की वजह से कैंसर और मानसिक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं नशे की हालत में वाहन चलाने से सड़क हादसों में भी लगातार इजाफा हो रहा है।

समाज और सिस्टम दोनों के लिए चेतावनी

देहरादून का यह वायरल वीडियो सिर्फ दो युवाओं की हालत नहीं दिखाता, बल्कि उस समाज की तस्वीर भी सामने रखता है जहां नशा धीरे-धीरे युवाओं का भविष्य निगल रहा है।

जरूरत केवल छापेमारी और गिरफ्तारी की नहीं, बल्कि स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान, युवाओं की काउंसलिंग, परिवारों की भागीदारी और नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी है।

अगर समय रहते इस पर गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में देवभूमि की पहचान पर यह संकट और गहरा सकता है।


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