पर्यावरण संरक्षण और फिटनेस के लिए टिहरी प्रशासन की अनूठी पहल
नितिका खण्डेलवाल और वरुणा अग्रवाल ने गुरुवार को एक नई मिसाल पेश करते हुए सरकारी गाड़ियों की बजाय पैदल चलकर अपने कार्यालय पहुंचने का संदेश दिया। “नो व्हीकल डे” के तहत जिले के कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
टिहरी की सड़कों पर दिखी सादगी
आमतौर पर सरकारी वाहनों और सायरनों से गुलजार रहने वाली नई टिहरी की सड़कों पर आज अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जिलाधिकारी और सीडीओ समेत प्रशासनिक अधिकारी पैदल दफ्तर जाते नजर आए। प्रशासन की इस पहल को लोगों ने भी सराहा और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
क्यों शुरू किया गया ‘नो व्हीकल डे’?
डीएम नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ ईंधन की बचत करना नहीं, बल्कि प्रदूषण कम करने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच ऐसी छोटी पहलें बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
“यह पहल हमारी जीवनशैली को स्वस्थ बनाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब इसे जिले की सभी तहसीलों और विकासखंडों में भी अनिवार्य किया जाएगा।”
अब ब्लॉक और तहसील स्तर पर भी लागू होगा अभियान
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, “नो व्हीकल डे” अब केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। जनपद के सभी ब्लॉकों और तहसीलों में भी प्रत्येक बृहस्पतिवार को अधिकारियों और कर्मचारियों को पैदल या वैकल्पिक साधनों से कार्यालय पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस पहल से जहां ईंधन की बचत होगी, वहीं अधिकारी और कर्मचारी नियमित पैदल चलने से फिट भी रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि यदि आम लोग भी सप्ताह में एक दिन निजी वाहनों का उपयोग कम करें, तो प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों में कमी लाई जा सकती है।
जनता से भी जुड़ने की अपील
टिहरी प्रशासन ने लोगों से भी इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
