देहरादून – दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता के आंदोलन और हिरासत में लिए जाने के बाद एक बार फिर अंकिता हत्याकांड सुर्खियों में है। इस पर उत्तराखंड पुलिस ने मामले में की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा दिया है।
एडीजी कानून-व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार ने इस केस में तेजी से कार्रवाई की थी
पुलिस ने रखे 6 बड़े पहलू:
1. 24 घंटे में गिरफ्तारी:* वर्ष 2022 में ऋषिकेश के समीप वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता की हत्या के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था।
2. SIT का गठन:* मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर DIG स्तर की महिला IPS अधिकारी की अध्यक्षता में SIT गठित की गई।
3. 88 दिन में चार्जशीट: SIT ने डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और रिकॉर्ड 88 दिन में जांच पूरी कर करीब 500 पेज का आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
4. उम्रकैद की सजा: कोर्ट में मजबूत पैरवी के चलते तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
5. न्यायिक कार्रवाई: मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया है।
6. CBI जांच पर: एडीजी ने CBI जांच से जुड़े सवालों पर भी सरकार का पक्ष रखा।
उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि इस केस में शुरू से ही पारदर्शी और सख्त कार्रवाई की गई है।

