उत्तराखंड के शुक्रवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान के साथ भीषण ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। करीब 15 मिनट तक आसमान से बरसे बड़े-बड़े ओलों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
ओलों की मार से कई वाहनों के शीशे टूट गए, घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल और एसी क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं खेतों में खड़ी मूंगफली, मक्का और सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर हरिद्वार के बहादराबाद, सलेमपुर, रोशनाबाद, शिवालिक नगर और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिला। ओलों की चपेट में आकर घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों के आगे-पीछे के शीशे टूट गए। ओलावृष्टि थमने के बाद वाहन स्वामी क्षतिग्रस्त गाड़ियों को लेकर सर्विस सेंटर पहुंचे। मारुति, हुंडई, किया और महिंद्रा के सर्विस सेंटरों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
वहीं पहाड़ में भी जमकर ओलावृष्टि हुई, टिहरी के घनसाली में भी करीब 15 मिनट की भारी ओलावृष्टि हुई, ओलावृष्टि से पाक चुकी धान की फसल को भी भारी नुकसान का अनुमान है।
खेतों में बिछी ओलों की मार
ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सलेमपुर, बहादराबाद और रोशनाबाद में मूंगफली, मक्का, भिंडी, लौकी और तोरी की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने इस स्तर की ओलावृष्टि पहले नहीं देखी। किसानों ने राजस्व विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

पेड़ गिरने से बिजली ठप, यातायात बाधित
आंधी-तूफान के दौरान कई जगह पेड़ टूटकर बिजली की हाईटेंशन और एलटी लाइनों पर गिर गए। इससे कई क्षेत्रों में करीब चार घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बहादराबाद से शिवालिक नगर और सुमन नगर से धनौरी मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता मोहित जोशी ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों और पोलों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

