वाह रे PWD घनसाली! 3 महीने बाद विनकखाल-तीनगढ़ सड़क खोली तो ऐसी, घुटने भर कीचड़ में नंगे पांव चलने को मजबूर ग्रामीण


भिगुन में भू-धसाव से बंद था मार्ग, आंदोलन की चेतावनी पर जेसीबी भेज कर की खानापूर्ति, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल

घनसाली, 08 अक्टूबर। घनसाली प्रखंड के विनकखाल-तीनगढ़ मोटर मार्ग की हालत PWD की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। बरसात के दौरान भिगुन के पास पहाड़ी टूटने से मोटर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था। पिछले तीन महीने से सड़क बंद पड़ी थी, जिससे तीनगढ़, विनकखाल समेत दर्जनों गांवों के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।

ग्रामीणों ने कई बार PWD घनसाली को ज्ञापन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंत में ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी, तब जाकर विभाग हरकत में आया और सड़क खोलने के लिए जेसीबी भेजने का आश्वासन दिया।

देखिए: सड़क खुलने के बाद क्या है स्थिति

जेसीबी ने खोली सड़क या बिछाया दलदल?
PWD ने जेसीबी भेज कर सड़क से मलवा हटाने की औपचारिकता तो पूरी कर दी, लेकिन मौके की तस्वीरें हकीकत बयां कर रही हैं। सड़क पर अब भी 2 से 3 फीट तक कीचड़ और गारा जमा है। जगह-जगह बड़े-बड़े बोल्डर सड़क के बीचों-बीच पड़े हैं। पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

देखिए: कीचड़ से गुजरते ग्रामीण

स्थिति यह है कि इस सड़क पर छोटे वाहन तो क्या, पैदल चलना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। सामने आई तस्वीरों में महिलाएं चप्पल हाथ में लेकर, कपड़े ऊपर उठाकर घुटने भर कीचड़ से गुजर रही हैं। स्कूली बच्चे फिसलते-गिरते स्कूल जाने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों में आक्रोश, बोले – इससे तो बंद ही रहती तो बेहतर था
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि विभाग ने सिर्फ कागजों में सड़क खोलकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। “तीन महीने तक सड़क बंद रही, हमने इंतजार किया। अब ऐसी सड़क खोलने से क्या फायदा, जिस पर एम्बुलेंस, राशन की गाड़ी या स्कूली वाहन जा ही नहीं सकता। इससे तो सड़क बंद ही रहती तो अच्छा था।”

ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का पूरा ट्रीटमेंट कर, मलवा पूरी तरह हटाकर और मिट्टी भरान कर सड़क को आवाजाही लायक बनाया जाए। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण PWD कार्यालय घनसाली पर प्रदर्शन करेंगे।


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