घनसाली (टिहरी गढ़वाल): उत्तराखंड राज्य आंदोलन की अगुवा पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) को टिहरी जिले में बड़ा झटका लगा है। घनसाली विधानसभा के ब्लॉक अध्यक्ष अरविन्द राणा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अपने द्वारा गठित पूरी ब्लॉक कार्यकारिणी को भंग करने का ऐलान कर दिया है।
जिलाध्यक्ष को भेजा त्यागपत्र
25 अक्टूबर 2026 को जिलाध्यक्ष, टिहरी गढ़वाल को भेजे गए अपने त्यागपत्र में राणा ने लिखा है कि वे पिछले 2 साल से तन-मन-धन से निष्ठा के साथ दल से जुड़े रहे हैं। लेकिन दल से जुड़े कुछ लोगों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार और बारीक सूचनाओं को तोड़-मरोड़ कर पेश करने से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।

अपने पत्र में राणा ने लिखा, “जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। आगामी गतिविधियों और संगठन की मर्यादा की रक्षा हेतु मैं स्वेच्छा से त्यागपत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ।”
पद छोड़ा, उक्रांद नहीं
खास बात यह है कि अरविन्द राणा ने पार्टी से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई है। उन्होंने पत्र के अंत में स्पष्ट किया है कि वह भावनात्मक रूप से UKD के साथ सदैव जुड़े रहेंगे और उत्तराखंड के हितों एवं राज्य के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने संगठन में काम करने का अवसर देने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार भी व्यक्त किया है।
2027 से पहले UKD के लिए झटका
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले घनसाली जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा में ब्लॉक अध्यक्ष का इस तरह इस्तीफा देना UKD के लिए बड़ा झटका है। यह अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है या किसी नई राजनीतिक पारी की तैयारी? इसको लेकर घनसाली के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

